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Structure of Human Eye (मानव नेत्र की संरचना ) - Special Education Notes in Hindi

मानव नेत्र की संरचना (Structure of Human Eye) - Special Education Notes in Hindi

Structure of Human Eye (toc)

मानव नेत्र (Human Eye) हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण ज्ञानेन्द्रिय (Sensory Organ) है। यह हमें अपने आसपास की दुनिया को देखने और समझने की क्षमता देता है। Special Education के क्षेत्र में, विशेष रूप से दृष्टिबाधिता (Visual Impairment) को समझने के लिए, मानव नेत्र की संरचना और उसके कार्यों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

Definition

मानव नेत्र की संरचना क्या है? मानव नेत्र (Human Eye) एक जटिल प्रकाशीय अंग (Complex Optical Organ) है जो प्रकाश तरंगों को तंत्रिका संकेतों (Nerve Signals) में परिवर्तित करके मस्तिष्क को दृश्य जानकारी प्रदान करता है। इसमें Cornea, Iris, Lens, Retina और Optic Nerve जैसे मुख्य भाग होते हैं जो मिलकर दृष्टि की प्रक्रिया को पूर्ण करते हैं।

1मानव नेत्र का परिचय (Introduction)

मानव नेत्र लगभग 2.5 cm व्यास का एक गोलाकार अंग है जो कपाल (Skull) में स्थित Orbit नामक गड्ढे में सुरक्षित रहता है। प्रत्येक आँख में लाखों Photoreceptor Cells होती हैं जो प्रकाश की अलग-अलग तीव्रता और रंगों को पहचानने में सक्षम हैं।

1.1 नेत्र के सुरक्षात्मक भाग (Protective Parts)

  • Eyelids (पलकें): आँख को धूल, चोट और अत्यधिक प्रकाश से बचाती हैं
  • Eyelashes (बरौनियाँ): सूक्ष्म कणों को आँख में जाने से रोकती हैं
  • Conjunctiva (नेत्रश्लेष्मला): एक पतली पारदर्शी झिल्ली जो आँख की बाहरी सतह और पलकों के भीतरी हिस्से को ढकती है
  • Lacrimal Gland (अश्रु ग्रंथि): आँसू बनाती है जो आँख को नम और साफ रखते हैं

2मानव नेत्र की मुख्य संरचना (Main Structure)

मानव नेत्र की दीवार तीन परतों से बनी होती है — बाहरी (Outer), मध्य (Middle) और भीतरी (Inner)। इन तीनों परतों में विभिन्न महत्वपूर्ण भाग स्थित होते हैं।

परत (Layer)मुख्य भाग (Parts)कार्य (Function)
बाहरी परत (Outer)Sclera, Corneaसुरक्षा और प्रकाश का अपवर्तन
मध्य परत (Middle)Choroid, Ciliary Body, Irisरक्त आपूर्ति, Lens को सहारा, प्रकाश नियंत्रण
भीतरी परत (Inner)Retinaप्रकाश को तंत्रिका संकेतों में बदलना

2.1 श्वेतपटल (Sclera)

Sclera नेत्र का सबसे बाहरी सफेद और कठोर आवरण है। यह नेत्र को एक निश्चित आकार देता है और इसकी रक्षा करता है। इसे आम भाषा में 'सफेद आँख' भी कहते हैं। यह तंतुमय ऊतक (Fibrous Tissue) से बना होता है।

Sclera में होने वाले परिवर्तन जैसे लालिमा या सूजन कई नेत्र रोगों का संकेत हो सकते हैं।

2.2 कॉर्निया (Cornea)

Cornea नेत्र का सामने का पारदर्शी (Transparent) भाग है। Cornea प्रकाश के अपवर्तन (Refraction) में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है — यह नेत्र की कुल अपवर्तन शक्ति का लगभग 70% भाग वहन करता है।

  • Cornea में रक्त वाहिकाएं नहीं होतीं (Avascular) — यह Aqueous Humor से पोषण पाता है
  • Cornea में तंत्रिकाएं होती हैं इसलिए यह अत्यंत संवेदनशील होता है
  • Corneal Transplant (केराटोप्लास्टी) संभव है क्योंकि इसमें Immune Rejection कम होता है

2.3 परितारिका (Iris)

Iris आँख का रंगीन भाग है जो Cornea के पीछे स्थित होता है। इसका रंग व्यक्ति की आनुवांशिकता (Genetics) पर निर्भर करता है — भूरा, नीला, हरा या काला। Iris में Sphincter और Dilator नामक पेशियाँ होती हैं जो Pupil का आकार नियंत्रित करती हैं।

Iris की तुलना Camera के Aperture से की जा सकती है — यह नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है।

2.4 पुतली (Pupil)

Pupil, Iris के मध्य में स्थित एक गोल छिद्र (Circular Opening) है। यह काले रंग का दिखता है क्योंकि Retina प्रकाश अवशोषित कर लेती है।

  • तेज प्रकाश में: Pupil सिकुड़ती है (Constriction / Miosis)
  • कम प्रकाश में: Pupil फैलती है (Dilation / Mydriasis)
  • Pupil Reflex: यह स्वतः होने वाली क्रिया है जो Autonomic Nervous System द्वारा नियंत्रित होती है

2.5 लेंस (Crystalline Lens)

Lens एक पारदर्शी, लचीला और द्विउत्तल (Biconvex) अंग है जो Iris के पीछे स्थित होता है। Lens की विशेषता Accommodation (समायोजन) है — यह पास और दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देखने के लिए अपनी वक्रता (Curvature) बदलता है।

Cataract जब Lens पारदर्शिता खो देता है और धुंधला हो जाता है, तो इसे Cataract (मोतियाबिंद) कहते हैं — यह दृष्टिबाधिता का एक प्रमुख कारण है।

2.6 रेटिना (Retina)

Retina नेत्र की सबसे भीतरी परत है और दृष्टि की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण भाग है। यह एक प्रकाशसंवेदनशील (Photosensitive) परत है जिसमें करोड़ों Photoreceptor Cells होती हैं।

  • Rods (दंड कोशिकाएं): लगभग 120 मिलियन — कम प्रकाश में देखने और गति पहचानने के लिए
  • Cones (शंकु कोशिकाएं): लगभग 6-7 मिलियन — रंग पहचानने और तीक्ष्ण दृष्टि के लिए
  • Fovea Centralis: Retina का केंद्रीय भाग — सबसे स्पष्ट दृष्टि यहीं होती है, यहाँ केवल Cones होते हैं
  • Macula: Fovea के आसपास का क्षेत्र — केंद्रीय दृष्टि (Central Vision) के लिए जिम्मेदार

2.7 दृक तंत्रिका (Optic Nerve)

Optic Nerve (Cranial Nerve II) Retina से मस्तिष्क के Visual Cortex तक दृश्य संकेत पहुँचाती है।

Blind Spot Optic Disc पर कोई Photoreceptor नहीं होते — इसे Blind Spot (अंधा स्थान) कहते हैं।

2.8 नेत्र के तरल पदार्थ (Fluids of the Eye)

तरल पदार्थस्थानकार्य
Aqueous Humor (जलीय द्रव)Anterior Chamber (Cornea और Lens के बीच)पोषण और अंतःनेत्र दबाव (IOP) बनाए रखना
Vitreous Humor (काचाभ द्रव)Posterior Chamber (Lens और Retina के बीच)नेत्र का आकार बनाए रखना और Retina को सहारा देना
Glaucoma Aqueous Humor का दबाव बढ़ जाने से Optic Nerve को हानि होती है और दृष्टि नष्ट हो सकती है।

3नेत्र की सहायक मांसपेशियाँ (Extrinsic Eye Muscles)

नेत्र की गति को नियंत्रित करने के लिए 6 बाह्य पेशियाँ (Extrinsic Muscles) होती हैं।

पेशी का नामगति की दिशा
Medial Rectusअंदर की ओर (Adduction)
Lateral Rectusबाहर की ओर (Abduction)
Superior Rectusऊपर की ओर
Inferior Rectusनीचे की ओर
Superior Obliqueनीचे और बाहर की ओर
Inferior Obliqueऊपर और बाहर की ओर

4दृष्टि की प्रक्रिया: प्रकाश का मार्ग (Pathway of Light)

जब हम किसी वस्तु को देखते हैं तो प्रकाश नेत्र में निम्न क्रम में यात्रा करता है:

  1. प्रकाश Cornea से होकर नेत्र में प्रवेश करता है (अपवर्तन शुरू)
  2. Aqueous Humor से गुजरता है
  3. Pupil (Iris द्वारा नियंत्रित) से निकलता है
  4. Lens प्रकाश को Retina पर केंद्रित करता है (Accommodation)
  5. Vitreous Humor से होकर Retina तक पहुँचता है
  6. Retina के Rods और Cones प्रकाश को विद्युत संकेतों में बदलते हैं
  7. Optic Nerve संकेतों को Brain के Visual Cortex (Occipital Lobe) तक पहुँचाती है
  8. Brain छवि की व्याख्या (Interpretation) करता है और हम देखते हैं
Retina पर बनने वाली छवि उलटी (Inverted) और छोटी (Diminished) होती है — मस्तिष्क इसे सीधा करके प्रस्तुत करता है।
📋 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Important Exam Points)
  • मानव नेत्र का व्यास लगभग 2.5 cm होता है
  • Cornea नेत्र की कुल अपवर्तन शक्ति का 70% वहन करता है
  • Rods = 120 million (कम प्रकाश), Cones = 6-7 million (रंग पहचान)
  • Fovea में केवल Cones होते हैं — सबसे तीव्र दृष्टि का केंद्र
  • Blind Spot = Optic Disc — यहाँ कोई Photoreceptor नहीं होता
  • Aqueous Humor → Anterior Chamber; Vitreous Humor → Posterior Chamber
  • Retina पर छवि Inverted बनती है — Brain इसे Correct करता है
  • Optic Nerve = Cranial Nerve II
  • Cataract = Lens का अपारदर्शी होना; Glaucoma = IOP बढ़ना
  • नेत्र की 6 Extrinsic Muscles नेत्र की गति नियंत्रित करती हैं

मानव नेत्र की संरचना अत्यंत जटिल और परिष्कृत है। Cornea से Optic Nerve तक प्रत्येक भाग एक विशेष कार्य करता है और मिलकर दृष्टि की अद्भुत प्रक्रिया को संभव बनाते हैं।

?FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. मानव नेत्र में Rods और Cones में क्या अंतर है?
Rods (दंड कोशिकाएं) कम प्रकाश में देखने और गति पहचानने में सहायक होती हैं — संख्या लगभग 120 million। Cones (शंकु कोशिकाएं) रंग पहचानने और तीव्र प्रकाश में स्पष्ट देखने के लिए उत्तरदायी हैं — संख्या लगभग 6-7 million और ये मुख्यतः Fovea में पाई जाती हैं।
Q2. Blind Spot क्या है और यह Special Education में क्यों महत्वपूर्ण है?
Blind Spot वह स्थान है जहाँ Optic Nerve Retina से जुड़ती है (Optic Disc)। यहाँ कोई Photoreceptor नहीं होता, इसलिए इस क्षेत्र में आने वाली छवि दिखाई नहीं देती। कुछ नेत्र रोगों में Blind Spot का आकार बढ़ सकता है जिससे Visual Field प्रभावित होता है।
Q3. Accommodation (समायोजन) क्या है?
Accommodation नेत्र की वह क्षमता है जिससे वह पास और दूर दोनों प्रकार की वस्तुओं पर Focus कर सकता है। यह Ciliary Muscles के संकुचन और शिथिलन द्वारा Lens की वक्रता (Curvature) बदलने से होता है। उम्र के साथ यह क्षमता कम होती है जिसे Presbyopia कहते हैं।
Q4. कौन से नेत्र रोग Retina को प्रभावित करते हैं?
Retina को प्रभावित करने वाले प्रमुख रोग: Retinitis Pigmentosa, Macular Degeneration, Retinal Detachment और Diabetic Retinopathy। ये सभी दृष्टिबाधिता के गंभीर कारण हैं और Special Education में इनकी जानकारी अत्यंत आवश्यक है।
Q5. Special Educator को नेत्र की संरचना क्यों जाननी चाहिए?
Special Educator को नेत्र की संरचना की जानकारी इसलिए जरूरी है ताकि वे — दृष्टिबाधित बच्चे की नेत्र स्थिति समझ सकें, उपयुक्त Low Vision Aids का चयन कर सकें, Residual Vision का अधिकतम उपयोग कर सकें और परिवार तथा अन्य पेशेवरों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर सकें।

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