Physiology of Vision (toc)
दृष्टि (Vision) मानव के पाँच ज्ञानेन्द्रियों में सबसे प्रमुख है। हम अपनी कुल जानकारी का लगभग 80% हिस्सा अपनी आँखों के माध्यम से प्राप्त करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम किसी वस्तु को देखते हैं तो वास्तव में क्या होता है? प्रकाश आँख में कैसे जाता है, Retina उसे कैसे पकड़ती है, और मस्तिष्क कैसे उस जानकारी को एक स्पष्ट चित्र में बदलता है?
दृष्टि की कार्यप्रणाली (Physiology of Vision) क्या है? दृष्टि की कार्यप्रणाली वह जटिल जैविक प्रक्रिया है जिसमें प्रकाश, नेत्र के विभिन्न भागों से गुजरकर Retina पर पड़ता है, जहाँ Photoreceptor Cells (Rods और Cones) उसे विद्युत-रासायनिक संकेतों (Electrochemical Signals) में परिवर्तित करती हैं। ये संकेत Optic Nerve द्वारा मस्तिष्क के Visual Cortex तक पहुँचते हैं जहाँ उनकी व्याख्या होती है और हम देख पाते हैं।
1 दृष्टि क्या है? (What is Vision?)
Vision केवल आँखों से देखने की क्रिया नहीं है — यह एक जटिल न्यूरो-संवेदी प्रक्रिया है जिसमें नेत्र, तंत्रिकाएं और मस्तिष्क तीनों मिलकर कार्य करते हैं। दृष्टि की प्रक्रिया तीन चरणों में पूर्ण होती है:
Optical Phase
प्रकाश का नेत्र में प्रवेश और Retina पर Focus होना
Transduction Phase
Retina में प्रकाश का विद्युत संकेतों में रूपांतरण
Neural Phase
संकेतों का मस्तिष्क तक जाना और व्याख्या होना
2 प्रकाश का नेत्र में प्रवेश (Entry of Light into the Eye)
दृष्टि की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब किसी वस्तु से परावर्तित (Reflected) या उत्सर्जित (Emitted) प्रकाश हमारी आँख में प्रवेश करता है। प्रकाश निम्न क्रम में नेत्र के भागों से गुजरता है:
- Cornea: सबसे पहले प्रकाश Cornea से टकराता है। Cornea प्रकाश को Refract (मोड़ता) करता है। नेत्र की कुल Refractive Power का लगभग +43 Diopters Cornea द्वारा प्रदान किया जाता है।
- Aqueous Humor: Cornea के बाद प्रकाश Aqueous Humor (जलीय द्रव) से गुजरता है जो Anterior Chamber में भरा होता है।
- Pupil (Iris द्वारा नियंत्रित): Iris प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है। तेज प्रकाश में Pupil सिकुड़ती है (Miosis), कम प्रकाश में फैलती है (Mydriasis)।
- Crystalline Lens: Lens प्रकाश को Fine-tune करके Retina पर सटीक Focus बनाता है। इसकी Refractive Power लगभग +15 से +25 Diopters होती है जो Accommodation के अनुसार बदलती है।
- Vitreous Humor: प्रकाश Vitreous Chamber (काचाभ द्रव) से होकर गुजरता है।
- Retina: अंत में प्रकाश Retina पर पड़ता है जहाँ Phototransduction की प्रक्रिया शुरू होती है।
3 Retina और Photoreceptor Cells
Retina दृष्टि की सबसे महत्वपूर्ण परत है। इसे "मस्तिष्क का विस्तार" (Extension of the Brain) भी कहा जाता है क्योंकि यह Embryologically Brain के Neural Tissue से विकसित होती है। Retina में मुख्यतः दो प्रकार की Photoreceptor Cells होती हैं:
3.1 Rods (दंड कोशिकाएं)
- संख्या: लगभग 120 मिलियन
- स्थान: Peripheral Retina (बाहरी क्षेत्र) में अधिक
- कार्य: Scotopic Vision — कम प्रकाश (रात्रि) में देखना
- रंग पहचान: नहीं — केवल काला, सफेद और धूसर रंग
- Photopigment: Rhodopsin (Visual Purple) — यह प्रकाश के प्रति बहुत संवेदनशील होता है
- Convergence: कई Rods मिलकर एक Ganglion Cell पर संकेत भेजती हैं (High Sensitivity, Low Acuity)
3.2 Cones (शंकु कोशिकाएं)
- संख्या: लगभग 6-7 मिलियन
- स्थान: Fovea Centralis में सर्वाधिक सांद्रता
- कार्य: Photopic Vision — तेज प्रकाश में स्पष्ट और रंगीन देखना
- प्रकार: तीन प्रकार — S-Cones (Blue), M-Cones (Green), L-Cones (Red)
- Photopigment: Photopsin / Iodopsin
- Convergence: एक Cone एक Ganglion Cell पर संकेत भेजती है (High Acuity, Low Sensitivity)
3.3 Rods और Cones की तुलना
| विशेषता | Rods (दंड कोशिकाएं) | Cones (शंकु कोशिकाएं) |
|---|---|---|
| संख्या | ~120 मिलियन | ~6-7 मिलियन |
| स्थान | Peripheral Retina | Fovea / Central Retina |
| दृष्टि प्रकार | Scotopic (रात्रि दृष्टि) | Photopic (दिन दृष्टि) |
| रंग पहचान | नहीं | हाँ (Red, Green, Blue) |
| Visual Acuity | कम | अधिक (तीक्ष्ण) |
| Photopigment | Rhodopsin | Photopsin / Iodopsin |
| प्रकाश संवेदनशीलता | बहुत अधिक | कम |
4 Phototransduction — प्रकाश का संकेत में रूपांतरण
Phototransduction वह प्रक्रिया है जिसमें Retina की Photoreceptor Cells प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) को विद्युत-रासायनिक संकेतों (Electrical Signals) में बदलती हैं। यह दृष्टि की सबसे महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक प्रक्रिया है।
4.1 Rhodopsin का रूपांतरण (Rods में)
- Rhodopsin (11-cis-Retinal + Opsin) प्रकाश अवशोषित करता है
- प्रकाश पड़ने पर 11-cis-Retinal → All-trans-Retinal में बदल जाता है (Isomerization)
- यह परिवर्तन Opsin Protein को सक्रिय (Activate) करता है → Metarhodopsin II बनता है
- Metarhodopsin II → Transducin (G-Protein) को सक्रिय करता है
- Transducin → Phosphodiesterase (PDE) एंजाइम को सक्रिय करता है
- PDE → cGMP को नष्ट करता है → Ion Channels बंद हो जाते हैं
- Ion Channels बंद होने से → Cell Hyperpolarize होती है → विद्युत संकेत (Nerve Impulse) उत्पन्न होता है
5 Visual Pathway — दृश्य तंत्रिका मार्ग
Retina से उत्पन्न विद्युत संकेत मस्तिष्क तक पहुँचने के लिए एक निश्चित Visual Pathway से होकर जाते हैं। यह मार्ग इस प्रकार है:
- Photoreceptors (Rods & Cones): प्रकाश को संकेत में बदलते हैं
- Bipolar Cells: Photoreceptors से संकेत लेकर Ganglion Cells तक पहुँचाते हैं
- Ganglion Cells: संकेतों को एकत्रित करते हैं। इनके Axons मिलकर Optic Nerve बनाते हैं
- Optic Nerve (Cranial Nerve II): संकेतों को नेत्र से बाहर Brain की ओर ले जाती है
- Optic Chiasma: यहाँ दोनों आँखों की Optic Nerves मिलती हैं। Nasal (भीतरी) तंतु विपरीत दिशा में Cross करते हैं, Temporal (बाहरी) तंतु उसी तरफ रहते हैं
- Optic Tract: Chiasma के बाद के तंतु Optic Tract बनाते हैं
- Lateral Geniculate Nucleus (LGN): Thalamus में स्थित — यहाँ संकेतों का प्रारंभिक Processing होती है
- Optic Radiation: LGN से Primary Visual Cortex तक के तंतु
- Primary Visual Cortex (V1): Occipital Lobe में स्थित — यहाँ दृश्य जानकारी की व्याख्या होती है और हम देख पाते हैं
| Visual Pathway का भाग | स्थान | कार्य |
|---|---|---|
| Optic Nerve | नेत्र से Optic Chiasma तक | संकेतों को नेत्र से बाहर ले जाना |
| Optic Chiasma | Brain के नीचे (Hypothalamus के पास) | Nasal Fibers का Cross करना |
| Optic Tract | Chiasma से LGN तक | संकेतों का प्रसारण |
| LGN (Thalamus) | Thalamus में | प्रारंभिक Visual Processing |
| Primary Visual Cortex (V1) | Occipital Lobe | दृश्य की अंतिम व्याख्या |
6 Visual Cortex में प्रक्रिया (Processing in Visual Cortex)
Primary Visual Cortex (V1) में संकेत पहुँचने के बाद मस्तिष्क उन्हें दो अलग-अलग मार्गों (Streams) से Process करता है:
| विशेषता | Ventral Stream (What Pathway) | Dorsal Stream (Where Pathway) |
|---|---|---|
| दिशा | Occipital → Temporal Lobe | Occipital → Parietal Lobe |
| कार्य | वस्तु की पहचान (Object Recognition) | वस्तु की स्थिति और गति (Location & Motion) |
| उत्तर | "यह क्या है?" (What?) | "यह कहाँ है?" (Where?) |
| उदाहरण | चेहरा पहचानना, रंग देखना | गेंद पकड़ना, चलते हुए चीज़ देखना |
7 Dark & Light Adaptation (अनुकूलन)
7.1 Dark Adaptation (अंधकार अनुकूलन)
जब हम तेज प्रकाश से अचानक अंधेरे में जाते हैं तो पहले कुछ नहीं दिखता। धीरे-धीरे Rhodopsin Regenerate होने लगता है और हम देख पाते हैं। यह प्रक्रिया लगभग 20-30 मिनट में पूर्ण होती है।
- पहले 5-10 मिनट: Cones Adapt होती हैं
- 10-30 मिनट: Rods Adapt होती हैं (Rhodopsin Regeneration)
- Vitamin A की कमी से Rhodopsin नहीं बनता → Night Blindness (रतौंधी)
7.2 Light Adaptation (प्रकाश अनुकूलन)
अंधेरे से अचानक तेज प्रकाश में आने पर चकाचौंध (Glare) होती है। मस्तिष्क और Retina कुछ ही सेकंड में Adjust कर लेते हैं। यह प्रक्रिया Dark Adaptation से बहुत तेज होती है।
8 Binocular Vision & Depth Perception
हमारी दो आँखें थोड़ी अलग-अलग स्थिति से एक ही वस्तु को देखती हैं। मस्तिष्क इन दो थोड़े अलग दृश्यों को मिलाकर एक त्रि-आयामी (3D) छवि बनाता है — इसे Stereopsis या Depth Perception कहते हैं।
- Binocular Vision: दोनों आँखों से एक साथ देखने की क्षमता — इससे Depth Perception बेहतर होती है
- Visual Field Overlap: दोनों आँखों का दृष्टि क्षेत्र केंद्र में लगभग 120° overlap करता है
- Strabismus (भेंगापन): जब दोनों आँखें एक ही बिंदु पर Focus नहीं करतीं — Binocular Vision बाधित होती है
9 दृष्टि और Special Education का संबंध
दृष्टि की कार्यप्रणाली की समझ Special Educator के लिए निम्न कारणों से महत्वपूर्ण है:
| दृष्टि की प्रक्रिया में बाधा | प्रभाव | Special Education Intervention |
|---|---|---|
| Cornea में बाधा | प्रकाश का सही अपवर्तन नहीं | Spectacles / Corneal Transplant |
| Lens में बाधा (Cataract) | धुंधला दिखना | Surgery + Low Vision Aids |
| Retina में बाधा | Photoreceptors काम नहीं करते | Braille, Tactile Learning |
| Optic Nerve में बाधा | संकेत Brain तक नहीं पहुँचते | Orientation & Mobility Training |
| Visual Cortex में बाधा | Cortical Visual Impairment (CVI) | Multisensory Approach |
- दृष्टि की तीन phases: Optical, Transduction, Neural
- Rods का Photopigment = Rhodopsin; Cones का = Photopsin/Iodopsin
- Phototransduction में cGMP का नष्ट होना → Cell Hyperpolarize → Nerve Impulse
- Optic Chiasma में Nasal Fibers Cross करते हैं, Temporal नहीं करते
- Visual Pathway: Retina → Optic Nerve → Optic Chiasma → LGN → Visual Cortex
- Dark Adaptation में 30 मिनट, Light Adaptation में 30-60 सेकंड
- Ventral Stream = "What Pathway" (Object Recognition)
- Dorsal Stream = "Where Pathway" (Location & Motion)
- Vitamin A की कमी → Rhodopsin नहीं बनता → Night Blindness
- Retina = Brain का विस्तार (Extension of Brain)
- Color Vision Theory = Trichromatic Theory (Young-Helmholtz)
- Cones तीन प्रकार: S (Blue), M (Green), L (Red)
दृष्टि की कार्यप्रणाली एक अत्यंत जटिल और बहु-स्तरीय प्रक्रिया है जो प्रकाश के नेत्र में प्रवेश से शुरू होकर मस्तिष्क में छवि की व्याख्या तक चलती है। Cornea का अपवर्तन, Pupil का नियंत्रण, Lens का Accommodation, Retina का Phototransduction और Visual Cortex की Processing — ये सभी मिलकर दृष्टि को संभव बनाते हैं।
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