Type Here to Get Search Results !

Physiology of Vision (दृष्टि की कार्यप्रणाली) — Special Education

Physiology of Vision (दृष्टि की कार्यप्रणाली) — Special Education Notes in Hindi

Physiology of Vision (toc)

दृष्टि (Vision) मानव के पाँच ज्ञानेन्द्रियों में सबसे प्रमुख है। हम अपनी कुल जानकारी का लगभग 80% हिस्सा अपनी आँखों के माध्यम से प्राप्त करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम किसी वस्तु को देखते हैं तो वास्तव में क्या होता है? प्रकाश आँख में कैसे जाता है, Retina उसे कैसे पकड़ती है, और मस्तिष्क कैसे उस जानकारी को एक स्पष्ट चित्र में बदलता है?

⭐ Definition

दृष्टि की कार्यप्रणाली (Physiology of Vision) क्या है? दृष्टि की कार्यप्रणाली वह जटिल जैविक प्रक्रिया है जिसमें प्रकाश, नेत्र के विभिन्न भागों से गुजरकर Retina पर पड़ता है, जहाँ Photoreceptor Cells (Rods और Cones) उसे विद्युत-रासायनिक संकेतों (Electrochemical Signals) में परिवर्तित करती हैं। ये संकेत Optic Nerve द्वारा मस्तिष्क के Visual Cortex तक पहुँचते हैं जहाँ उनकी व्याख्या होती है और हम देख पाते हैं।

1 दृष्टि क्या है? (What is Vision?)

Vision केवल आँखों से देखने की क्रिया नहीं है — यह एक जटिल न्यूरो-संवेदी प्रक्रिया है जिसमें नेत्र, तंत्रिकाएं और मस्तिष्क तीनों मिलकर कार्य करते हैं। दृष्टि की प्रक्रिया तीन चरणों में पूर्ण होती है:

🔆

Optical Phase

प्रकाश का नेत्र में प्रवेश और Retina पर Focus होना

Transduction Phase

Retina में प्रकाश का विद्युत संकेतों में रूपांतरण

🧠

Neural Phase

संकेतों का मस्तिष्क तक जाना और व्याख्या होना

2 प्रकाश का नेत्र में प्रवेश (Entry of Light into the Eye)

दृष्टि की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब किसी वस्तु से परावर्तित (Reflected) या उत्सर्जित (Emitted) प्रकाश हमारी आँख में प्रवेश करता है। प्रकाश निम्न क्रम में नेत्र के भागों से गुजरता है:

  1. Cornea: सबसे पहले प्रकाश Cornea से टकराता है। Cornea प्रकाश को Refract (मोड़ता) करता है। नेत्र की कुल Refractive Power का लगभग +43 Diopters Cornea द्वारा प्रदान किया जाता है।
  2. Aqueous Humor: Cornea के बाद प्रकाश Aqueous Humor (जलीय द्रव) से गुजरता है जो Anterior Chamber में भरा होता है।
  3. Pupil (Iris द्वारा नियंत्रित): Iris प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है। तेज प्रकाश में Pupil सिकुड़ती है (Miosis), कम प्रकाश में फैलती है (Mydriasis)।
  4. Crystalline Lens: Lens प्रकाश को Fine-tune करके Retina पर सटीक Focus बनाता है। इसकी Refractive Power लगभग +15 से +25 Diopters होती है जो Accommodation के अनुसार बदलती है।
  5. Vitreous Humor: प्रकाश Vitreous Chamber (काचाभ द्रव) से होकर गुजरता है।
  6. Retina: अंत में प्रकाश Retina पर पड़ता है जहाँ Phototransduction की प्रक्रिया शुरू होती है।
नेत्र की कुल Refractive Power लगभग +60 Diopters होती है। Cornea इसमें 43 और Lens 15-25 Diopters का योगदान देता है।

3 Retina और Photoreceptor Cells

Retina दृष्टि की सबसे महत्वपूर्ण परत है। इसे "मस्तिष्क का विस्तार" (Extension of the Brain) भी कहा जाता है क्योंकि यह Embryologically Brain के Neural Tissue से विकसित होती है। Retina में मुख्यतः दो प्रकार की Photoreceptor Cells होती हैं:

3.1 Rods (दंड कोशिकाएं)

  • संख्या: लगभग 120 मिलियन
  • स्थान: Peripheral Retina (बाहरी क्षेत्र) में अधिक
  • कार्य: Scotopic Vision — कम प्रकाश (रात्रि) में देखना
  • रंग पहचान: नहीं — केवल काला, सफेद और धूसर रंग
  • Photopigment: Rhodopsin (Visual Purple) — यह प्रकाश के प्रति बहुत संवेदनशील होता है
  • Convergence: कई Rods मिलकर एक Ganglion Cell पर संकेत भेजती हैं (High Sensitivity, Low Acuity)
Special Education Note Retinitis Pigmentosa नामक रोग में Rods पहले नष्ट होती हैं, जिससे रात में देखने की क्षमता (Night Blindness) पहले जाती है और बाद में Peripheral Vision भी नष्ट हो जाती है।

3.2 Cones (शंकु कोशिकाएं)

  • संख्या: लगभग 6-7 मिलियन
  • स्थान: Fovea Centralis में सर्वाधिक सांद्रता
  • कार्य: Photopic Vision — तेज प्रकाश में स्पष्ट और रंगीन देखना
  • प्रकार: तीन प्रकार — S-Cones (Blue), M-Cones (Green), L-Cones (Red)
  • Photopigment: Photopsin / Iodopsin
  • Convergence: एक Cone एक Ganglion Cell पर संकेत भेजती है (High Acuity, Low Sensitivity)
Color Vision तीनों प्रकार के Cones (Red, Green, Blue) के विभिन्न संयोजनों से हम लगभग 10 मिलियन रंगों को पहचान सकते हैं — इसे Trichromatic Theory of Color Vision (Young-Helmholtz Theory) कहते हैं।

3.3 Rods और Cones की तुलना

विशेषताRods (दंड कोशिकाएं)Cones (शंकु कोशिकाएं)
संख्या~120 मिलियन~6-7 मिलियन
स्थानPeripheral RetinaFovea / Central Retina
दृष्टि प्रकारScotopic (रात्रि दृष्टि)Photopic (दिन दृष्टि)
रंग पहचाननहींहाँ (Red, Green, Blue)
Visual Acuityकमअधिक (तीक्ष्ण)
PhotopigmentRhodopsinPhotopsin / Iodopsin
प्रकाश संवेदनशीलताबहुत अधिककम

4 Phototransduction — प्रकाश का संकेत में रूपांतरण

Phototransduction वह प्रक्रिया है जिसमें Retina की Photoreceptor Cells प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) को विद्युत-रासायनिक संकेतों (Electrical Signals) में बदलती हैं। यह दृष्टि की सबसे महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक प्रक्रिया है।

4.1 Rhodopsin का रूपांतरण (Rods में)

  1. Rhodopsin (11-cis-Retinal + Opsin) प्रकाश अवशोषित करता है
  2. प्रकाश पड़ने पर 11-cis-Retinal → All-trans-Retinal में बदल जाता है (Isomerization)
  3. यह परिवर्तन Opsin Protein को सक्रिय (Activate) करता है → Metarhodopsin II बनता है
  4. Metarhodopsin II → Transducin (G-Protein) को सक्रिय करता है
  5. Transducin → Phosphodiesterase (PDE) एंजाइम को सक्रिय करता है
  6. PDE → cGMP को नष्ट करता है → Ion Channels बंद हो जाते हैं
  7. Ion Channels बंद होने से → Cell Hyperpolarize होती है → विद्युत संकेत (Nerve Impulse) उत्पन्न होता है
अंधेरे में Rhodopsin regenerate होता है — इसीलिए अचानक तेज रोशनी से अंधेरे में जाने पर कुछ देर दिखना बंद हो जाता है — इसे Dark Adaptation कहते हैं।

5 Visual Pathway — दृश्य तंत्रिका मार्ग

Retina से उत्पन्न विद्युत संकेत मस्तिष्क तक पहुँचने के लिए एक निश्चित Visual Pathway से होकर जाते हैं। यह मार्ग इस प्रकार है:

  1. Photoreceptors (Rods & Cones): प्रकाश को संकेत में बदलते हैं
  2. Bipolar Cells: Photoreceptors से संकेत लेकर Ganglion Cells तक पहुँचाते हैं
  3. Ganglion Cells: संकेतों को एकत्रित करते हैं। इनके Axons मिलकर Optic Nerve बनाते हैं
  4. Optic Nerve (Cranial Nerve II): संकेतों को नेत्र से बाहर Brain की ओर ले जाती है
  5. Optic Chiasma: यहाँ दोनों आँखों की Optic Nerves मिलती हैं। Nasal (भीतरी) तंतु विपरीत दिशा में Cross करते हैं, Temporal (बाहरी) तंतु उसी तरफ रहते हैं
  6. Optic Tract: Chiasma के बाद के तंतु Optic Tract बनाते हैं
  7. Lateral Geniculate Nucleus (LGN): Thalamus में स्थित — यहाँ संकेतों का प्रारंभिक Processing होती है
  8. Optic Radiation: LGN से Primary Visual Cortex तक के तंतु
  9. Primary Visual Cortex (V1): Occipital Lobe में स्थित — यहाँ दृश्य जानकारी की व्याख्या होती है और हम देख पाते हैं
Visual Pathway का भागस्थानकार्य
Optic Nerveनेत्र से Optic Chiasma तकसंकेतों को नेत्र से बाहर ले जाना
Optic ChiasmaBrain के नीचे (Hypothalamus के पास)Nasal Fibers का Cross करना
Optic TractChiasma से LGN तकसंकेतों का प्रसारण
LGN (Thalamus)Thalamus मेंप्रारंभिक Visual Processing
Primary Visual Cortex (V1)Occipital Lobeदृश्य की अंतिम व्याख्या
Special Education महत्व Optic Chiasma में चोट लगने से Bitemporal Hemianopia (दोनों आँखों का बाहरी दृष्टि क्षेत्र नष्ट होना) होता है। यह दृष्टिबाधिता का एक महत्वपूर्ण कारण है।

6 Visual Cortex में प्रक्रिया (Processing in Visual Cortex)

Primary Visual Cortex (V1) में संकेत पहुँचने के बाद मस्तिष्क उन्हें दो अलग-अलग मार्गों (Streams) से Process करता है:

विशेषताVentral Stream (What Pathway)Dorsal Stream (Where Pathway)
दिशाOccipital → Temporal LobeOccipital → Parietal Lobe
कार्यवस्तु की पहचान (Object Recognition)वस्तु की स्थिति और गति (Location & Motion)
उत्तर"यह क्या है?" (What?)"यह कहाँ है?" (Where?)
उदाहरणचेहरा पहचानना, रंग देखनागेंद पकड़ना, चलते हुए चीज़ देखना

7 Dark & Light Adaptation (अनुकूलन)

7.1 Dark Adaptation (अंधकार अनुकूलन)

जब हम तेज प्रकाश से अचानक अंधेरे में जाते हैं तो पहले कुछ नहीं दिखता। धीरे-धीरे Rhodopsin Regenerate होने लगता है और हम देख पाते हैं। यह प्रक्रिया लगभग 20-30 मिनट में पूर्ण होती है।

  • पहले 5-10 मिनट: Cones Adapt होती हैं
  • 10-30 मिनट: Rods Adapt होती हैं (Rhodopsin Regeneration)
  • Vitamin A की कमी से Rhodopsin नहीं बनता → Night Blindness (रतौंधी)

7.2 Light Adaptation (प्रकाश अनुकूलन)

अंधेरे से अचानक तेज प्रकाश में आने पर चकाचौंध (Glare) होती है। मस्तिष्क और Retina कुछ ही सेकंड में Adjust कर लेते हैं। यह प्रक्रिया Dark Adaptation से बहुत तेज होती है।

Dark Adaptation में 30 मिनट लगते हैं जबकि Light Adaptation में केवल 30-60 सेकंड — यह अंतर Rods और Cones की संवेदनशीलता के कारण होता है।

8 Binocular Vision & Depth Perception

हमारी दो आँखें थोड़ी अलग-अलग स्थिति से एक ही वस्तु को देखती हैं। मस्तिष्क इन दो थोड़े अलग दृश्यों को मिलाकर एक त्रि-आयामी (3D) छवि बनाता है — इसे Stereopsis या Depth Perception कहते हैं।

  • Binocular Vision: दोनों आँखों से एक साथ देखने की क्षमता — इससे Depth Perception बेहतर होती है
  • Visual Field Overlap: दोनों आँखों का दृष्टि क्षेत्र केंद्र में लगभग 120° overlap करता है
  • Strabismus (भेंगापन): जब दोनों आँखें एक ही बिंदु पर Focus नहीं करतीं — Binocular Vision बाधित होती है
Special Education दृष्टिबाधित बच्चों में Depth Perception प्रभावित होती है जिससे वे दूरी का अनुमान सही नहीं लगा पाते — इसका शैक्षिक और दैनिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

9 दृष्टि और Special Education का संबंध

दृष्टि की कार्यप्रणाली की समझ Special Educator के लिए निम्न कारणों से महत्वपूर्ण है:

दृष्टि की प्रक्रिया में बाधाप्रभावSpecial Education Intervention
Cornea में बाधाप्रकाश का सही अपवर्तन नहींSpectacles / Corneal Transplant
Lens में बाधा (Cataract)धुंधला दिखनाSurgery + Low Vision Aids
Retina में बाधाPhotoreceptors काम नहीं करतेBraille, Tactile Learning
Optic Nerve में बाधासंकेत Brain तक नहीं पहुँचतेOrientation & Mobility Training
Visual Cortex में बाधाCortical Visual Impairment (CVI)Multisensory Approach
📋 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Important Exam Points)
  • दृष्टि की तीन phases: Optical, Transduction, Neural
  • Rods का Photopigment = Rhodopsin; Cones का = Photopsin/Iodopsin
  • Phototransduction में cGMP का नष्ट होना → Cell Hyperpolarize → Nerve Impulse
  • Optic Chiasma में Nasal Fibers Cross करते हैं, Temporal नहीं करते
  • Visual Pathway: Retina → Optic Nerve → Optic Chiasma → LGN → Visual Cortex
  • Dark Adaptation में 30 मिनट, Light Adaptation में 30-60 सेकंड
  • Ventral Stream = "What Pathway" (Object Recognition)
  • Dorsal Stream = "Where Pathway" (Location & Motion)
  • Vitamin A की कमी → Rhodopsin नहीं बनता → Night Blindness
  • Retina = Brain का विस्तार (Extension of Brain)
  • Color Vision Theory = Trichromatic Theory (Young-Helmholtz)
  • Cones तीन प्रकार: S (Blue), M (Green), L (Red)

दृष्टि की कार्यप्रणाली एक अत्यंत जटिल और बहु-स्तरीय प्रक्रिया है जो प्रकाश के नेत्र में प्रवेश से शुरू होकर मस्तिष्क में छवि की व्याख्या तक चलती है। Cornea का अपवर्तन, Pupil का नियंत्रण, Lens का Accommodation, Retina का Phototransduction और Visual Cortex की Processing — ये सभी मिलकर दृष्टि को संभव बनाते हैं।

? FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. Phototransduction क्या है और यह कहाँ होती है?
Phototransduction वह प्रक्रिया है जिसमें Retina की Photoreceptor Cells (Rods और Cones) प्रकाश ऊर्जा को विद्युत-रासायनिक संकेतों (Nerve Impulse) में परिवर्तित करती हैं। यह प्रक्रिया Retina में होती है। Rods में Rhodopsin और Cones में Photopsin इस प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
Q2. Optic Chiasma का क्या महत्व है?
Optic Chiasma वह स्थान है जहाँ दोनों आँखों की Optic Nerves मिलती हैं। यहाँ Nasal (भीतरी) Fibers Cross करके विपरीत दिशा में चले जाते हैं जबकि Temporal (बाहरी) Fibers उसी तरफ रहते हैं। इससे दोनों आँखों की जानकारी Brain के दोनों Hemispheres में सही तरीके से बँट जाती है। Chiasma में चोट से Bitemporal Hemianopia हो सकता है।
Q3. Dark Adaptation और Light Adaptation में क्या अंतर है?
Dark Adaptation तब होती है जब हम तेज प्रकाश से अंधेरे में जाते हैं — इसमें Rhodopsin Regenerate होता है और इसमें लगभग 20-30 मिनट लगते हैं। Light Adaptation तब होती है जब हम अंधेरे से तेज प्रकाश में आते हैं — यह बहुत जल्दी (30-60 सेकंड में) पूर्ण होती है। Vitamin A की कमी से Rhodopsin नहीं बनता जिससे Night Blindness हो जाती है।
Q4. Trichromatic Theory of Color Vision क्या है?
Young-Helmholtz की Trichromatic Theory के अनुसार Retina में तीन प्रकार के Cones होते हैं — Red (L-Cones), Green (M-Cones) और Blue (S-Cones)। इन तीनों के विभिन्न संयोजनों से हम लगभग 10 मिलियन रंगों को पहचान सकते हैं। Color Blindness तब होती है जब इनमें से एक या अधिक प्रकार के Cones अनुपस्थित या दोषपूर्ण होते हैं।
Q5. Special Educator के लिए Visual Pathway की जानकारी क्यों जरूरी है?
Visual Pathway की जानकारी से Special Educator समझ सकता है कि दृष्टिबाधिता किस स्तर पर हो रही है — Optical Level पर (Cornea/Lens), Retinal Level पर, या Cortical Level पर (Brain)। Cortical Visual Impairment (CVI) में आँखें ठीक हो सकती हैं लेकिन Brain दृश्य को सही से Process नहीं कर पाता। इसके लिए अलग Intervention की आवश्यकता होती है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad